"कभी हम दिल से कहते हैं ,
कभी दिल हम से कहता है.
तव्वजो जिसकी रहती है ,
इन्तिज़ार उसी का होता है...
जो आसानी से मिल जाये ,
तो फ़साना कहाँ बनता है...
थोड़ी तड़प, थोडा और इन्तिज़ार
तो हमेशा रहता है...
यूँ ही नहीं यारों ,
प्यार का दूसरा नाम सजा होता है...."
--आदाब आरज़ है....... :)
कभी दिल हम से कहता है.
तव्वजो जिसकी रहती है ,
इन्तिज़ार उसी का होता है...
जो आसानी से मिल जाये ,
तो फ़साना कहाँ बनता है...
थोड़ी तड़प, थोडा और इन्तिज़ार
तो हमेशा रहता है...
यूँ ही नहीं यारों ,
प्यार का दूसरा नाम सजा होता है...."
--आदाब आरज़ है....... :)
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