Saturday, August 15, 2020

Humko unse unko himse gila sa hai

 हमको उनसे-उनको हमसे गिला सा है....

बात बाकी है मगर,

शिकवा दिल- ए -सजा सा है..

हमको उनसे-उनको हमसे गिला सा है....


बेतकल्लुफ हो करते थे कभी बयाँ जिनसे,

उनसे ही आज,

तकल्लुफ का समॉं सा है... 

हमको उनसे-उनको हमसे गिला सा है....


थमती नहीं थी जिनसे हरसू बातें,

बेलफ़्ज़ और गूंगा,

आज वहॉं वक़्त हुआ है... 

हमको उनसे उनको हमसे गिला सा है....

Friday, August 14, 2020

Desh mere

 देश मरे मैं जहाँ रहूँ,

तेरी मिटटी मेरे संग चले.

तेरी सेवा कर मैं सकूं,

चाहे कोई भी भेष में.


आबाद तू, खुश हाल तू,

सदा रहे तेरी गरिमा,

लाखों आये, षड़यंत्र रचा, 

पर काम न हुयी तेरी महिमा !


यूँ तो है ह्रदय बसा मोक्षार्थी होने का सपना ..

पर तेरी गरिमा वृद्धि का यदि एक अंश भी बन सकूं 

तो स्वीकार है सौ और जनम मुझे लेना..


जय हिन्द !