निशब्द
कभी कभी वक़्त ऐसे पेश आता है,
जैसे उसकी मेरी कोई पहचान नहीं!
बेतकल्लुफ होके कुछ भी थमा जाता है;
जैसे उसको मेरा ज्ञान ही नहीं!
हर बार नयी कहानी लिखती हूँ ,
और बीच लिखावट किताब खींच ले जाता है?
नाराज़गी से मैंने पुछा,"अरे! कहानी पूरी तो होने दे?
सिहाई अभी सुखी नहीं है मेरी, एक कथा तो पूरी करने दे!"
वक़्त बे रुके फ़रमाया,"समय ख़राब न कर,
जो दिया है उस पर काम कर।
कहानी अधूरी थी यह किसने कहा ?
यहीं तक की सीख थी तो खींच लिया।"
लिखावट की लम्बाई का गम न कर,
सिहाई बाकि है तो बस लिखती चल...
हर बार तुझे नया पन्ना थमा जाता हूँ,
कई ऐसे भी है..जिनको बिना पन्ने छोड़ आता हूँ।
तू रच रही है इसका भ्रम न कर
सोने की लंका न छोड़ी,न बक्शी कृष्ण की द्वारिका...
यह मेरा रचा चक्रव्यूह ,तू सिर्फ उसकी नायिका...
हर बार इस तरह क्यों स्तब्ध कर जाता है?
बेतकल्लुफ होके कुछ भी थमा जाता है !
#mommydottydairy penning life
havvishakarrihaloo
कभी कभी वक़्त ऐसे पेश आता है,
जैसे उसकी मेरी कोई पहचान नहीं!
बेतकल्लुफ होके कुछ भी थमा जाता है;
जैसे उसको मेरा ज्ञान ही नहीं!
हर बार नयी कहानी लिखती हूँ ,
और बीच लिखावट किताब खींच ले जाता है?
नाराज़गी से मैंने पुछा,"अरे! कहानी पूरी तो होने दे?
सिहाई अभी सुखी नहीं है मेरी, एक कथा तो पूरी करने दे!"
वक़्त बे रुके फ़रमाया,"समय ख़राब न कर,
जो दिया है उस पर काम कर।
कहानी अधूरी थी यह किसने कहा ?
यहीं तक की सीख थी तो खींच लिया।"
लिखावट की लम्बाई का गम न कर,
सिहाई बाकि है तो बस लिखती चल...
हर बार तुझे नया पन्ना थमा जाता हूँ,
कई ऐसे भी है..जिनको बिना पन्ने छोड़ आता हूँ।
तू रच रही है इसका भ्रम न कर
सोने की लंका न छोड़ी,न बक्शी कृष्ण की द्वारिका...
यह मेरा रचा चक्रव्यूह ,तू सिर्फ उसकी नायिका...
हर बार इस तरह क्यों स्तब्ध कर जाता है?
बेतकल्लुफ होके कुछ भी थमा जाता है !
#mommydottydairy penning life
havvishakarrihaloo
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