दूर की चमक पर दुनिया रश्क करती है..
चमक में छिपे दागों से अनजान रहती है!
तेरी ज़मीन तू ही जाने,
यह दाग कौन सी कहानी बयान करते हैं !
बेफ़िक्रे हम, गुस्ताख़ हो चले हैं..
तुम्हारा गम समझाने चले हैं !
जाम की क्या ज़रुरत उन्हें,
जो तुम्हें देख नशे में पढ़ रहे हैं..
Havvisha karrihaloo
7/29/2020
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