Wednesday, July 29, 2020

Chand.

दूर की चमक पर दुनिया रश्क करती है..
चमक में छिपे दागों से अनजान रहती है!
तेरी ज़मीन तू ही जाने,
यह  दाग कौन सी कहानी बयान करते हैं !

बेफ़िक्रे हम, गुस्ताख़ हो चले हैं..
तुम्हारा गम समझाने चले हैं !
जाम की क्या ज़रुरत उन्हें, 
जो तुम्हें देख नशे में पढ़ रहे हैं..

Havvisha karrihaloo

7/29/2020

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