Wednesday, May 28, 2014

prayer

अर्ज़ सुनो मैं हारी हुई  हूँ ,जग के पालन हारे।
रह -रह कर मन डर  जाता है ,राह न  सूझे  काही।

आयी तेरे द्वारे भगवन ,न्याय  तेरा  परखने।
हक़ है  इतना मेरा तुमपर ,लाज  रखो मेरी,साईं।

सही गलत की क्या परिभाषा मेरी समझ न आई।
तुम बिन मेरा कौन सहारा , आज प्रकटो मेरे भाई।

कुरक्षेत्र बना मेरा जीवन , कुछ और न सूझे उपाय।
काश बहु बल की होती लड़ाई, पर  मन ने है चोंट खाई।

सारथि बन मेरे जीवन का कर उधार मेरे साईं
एक युद्ध अर्जुन ने लड़ा था , आज मेरी बारी है आई।

पार्थ  बना लो मुझको अपना,शरणागत मैं तेरे कन्हाई।
तुझ बिन मेरा कौन सहारा , आज प्रकट मेरे भाई।












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