June 8, 2012 at 11:13pm
सो जा पुन्नू रानी मेरी , निंदिया तुझे बुलाये,
स्वप्नों की गाडी वोह तेरे लिये ही ठहराये ...
चन्दा निकला तारे निकले , सब हैं तुझे सुलाए ,
झींगुर भी अपनी ताल पर देख है डमरू बजाये ...
सो जा पुन्नू रानी मेरी , यह सब तुझे सुलाए ,
सपनों की गाडी वोह तेरे लिये ही ठहराय ...
आज होगा स्वपन सलोना , मुझको हैं बतलाए ,
यूंही नहीं पुन्नू तुझको लोरी रही सुनाये ....
सो जा पुन्नू रानी मेरी , निंदिया तुझे बुलाये ,
सपनो की गाडी वोह तेरे लिये ही ठहराए ....

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