Sunday, May 25, 2014

सो जा पुन्नू

June 8, 2012 at 11:13pm


सो जा पुन्नू रानी मेरी , निंदिया तुझे बुलाये,
स्वप्नों  की गाडी वोह तेरे लिये ही ठहराये ...

चन्दा निकला तारे निकले , सब हैं तुझे सुलाए ,
झींगुर भी अपनी ताल पर देख है डमरू बजाये  ...

सो जा पुन्नू रानी मेरी , यह सब तुझे  सुलाए ,
सपनों की गाडी वोह तेरे लिये ही ठहराय  ...

आज होगा स्वपन सलोना , मुझको हैं बतलाए , 
 यूंही नहीं पुन्नू तुझको लोरी रही सुनाये ....

सो जा पुन्नू रानी मेरी , निंदिया तुझे बुलाये ,
सपनो की गाडी वोह तेरे लिये ही ठहराए  ....



No comments: