लहरों से बातें करते ,
दो कदम साथ चलते ,
इन लम्हों को दिल में पिरोते ,
हम तेरे और कायल होते गये..
कुछ तुतलाया तुमने,
कुछ बतियाया हमने ..
समुन्दर की रेत् पर ही नहीं
दिल के किनारे भी हम, निशाँ बनाते चले..
कुछ देर और रोक सकूँ वक़्त को,
ऐसी एक फरियाद हम करने लगे
रूठते मानते एक दूसरे को
हम तेरे और कायल होते गये..
तेरे साथ बीते हर पल
मेरी ज़िंदगी में प्यार वापिस घोलने लगे। .
लहरों से बातें करते ,
दो कदम साथ चलते ,हम तेरे और कायल होते गये..
दो कदम साथ चलते ,
इन लम्हों को दिल में पिरोते ,
हम तेरे और कायल होते गये..
कुछ तुतलाया तुमने,
कुछ बतियाया हमने ..
समुन्दर की रेत् पर ही नहीं
दिल के किनारे भी हम, निशाँ बनाते चले..
कुछ देर और रोक सकूँ वक़्त को,
ऐसी एक फरियाद हम करने लगे
रूठते मानते एक दूसरे को
हम तेरे और कायल होते गये..
तेरे साथ बीते हर पल
मेरी ज़िंदगी में प्यार वापिस घोलने लगे। .
लहरों से बातें करते ,
दो कदम साथ चलते ,हम तेरे और कायल होते गये..
No comments:
Post a Comment