दुनियां को दिखती मैं हूँ, पर कहानी कोई ओर रच रहा है !
जब भी कोई राह ख़त्म हुयी,
एक नया रस्ता हरसू खुला है !
जाने क्यूँ हर बार आखिरी साँस तक रुकता है?
वक़्त से पहले लेकिन कब कुछ मिला है?
मानो मेरी परिक्षा ले रहा है?
भविष्य देख जब भी घबराई हूं,
तब " कार्य-रथ रह" संदेश भेज रहा है!
जाने कौन यह मेरा बोझ ढ़ो रहा है?
कंधे मेरे धंसे दिखते हैं ,
पर दर्द लेश मात्र नहीं हो रहा है!
जाने किसका हाथ बोझ और कंधों के बीच धंसा है?
आंखें नम हैं, बंद हैं फ़िर भी सब दिख रहा है !
शरीर थका है पर फ़िर भी चल रहा है,
जाने कौन मुझे गती दे रहा है?
दुनियां को दिखती मैं हूँ,
पर यह किरदार कोई ओर रच रहा है!
मन का मंथन करती मैं एक रत्न उभरा है,
भय के हलाहल के बाद, विश्वास अमृत मिला है !
तेरा शुक्रिया प्रभु,तूने मुझे बहुत कुछ दिया है!
#selfcomposition
#mommydottydairy feeling
#Grateful #thankful #blessed
🙏❤🙏
No comments:
Post a Comment